मुरादाबाद। शहर में आवारा पशुओं का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के चंदन नगर में रविवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां आवारा घूमते सांड ने सड़क किनारे पैदल जा रहे एक बुजुर्ग को जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग खजान सिंह (उम्र लगभग 65 वर्ष) को आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
महिला और युवक ने पानी डालकर हटाने का किया प्रयास, लेकिन भड़क गया सांड
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना से पहले सांड सड़क किनारे खड़ा था। एक महिला और युवक ने उसे पानी डालकर हटाने की कोशिश की, लेकिन इससे सांड भड़क गया। गुस्साए सांड ने अचानक पास से गुजर रहे बुजुर्ग खजान सिंह को जोरदार टक्कर मारकर पटक दिया। बुजुर्ग बुरी तरह घायल होकर मौके पर तड़पने लगे।
इलाज के दौरान हुई मौत, स्थानीय लोगों में आक्रोश
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और गंभीर हालत में घायल बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें रेफर किया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद मोहल्ले में शोक और आक्रोश का माहौल है। लोगों ने नगर निगम प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या निगम की बड़ी लापरवाही को उजागर करती है।
नगर निगम की टीम ने पकड़ा सांड, लेकिन सवाल बरकरार
घटना की जानकारी मिलते ही नगर निगम की पशु पकड़ दल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आवारा सांड को पकड़ लिया। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि सिर्फ हादसे के बाद कार्रवाई करने से जिम्मेदारी पूरी नहीं होती। शहर के मंडी समिति क्षेत्र समेत कई इलाकों में आवारा पशुओं के झुंड के झुंड सड़कों और बाजारों में घूमते नजर आते हैं, लेकिन विभाग आंख मूंदे बैठा है।
आवारा पशुओं का बढ़ता खतरा, प्रशासन पर उठे सवाल
मुरादाबाद शहर में आवारा सांड और गायों के कारण रोजाना छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं। बावजूद इसके न तो नगर निगम प्रशासन और न पशुपालन विभाग इस ओर ठोस कदम उठा पा रहे हैं। चंदन नगर की यह घटना एक बार फिर इस गंभीर मुद्दे को सामने ले आई है।
स्थानीय लोगों की मांग – हो सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवार को मुआवजा
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि आवारा पशुओं को नियंत्रित करने के लिए जल्द से जल्द ठोस कार्रवाई की जाए और मृतक खजान सिंह के परिवार को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक शहरवासी आवारा पशुओं की दहशत में अपनी जान गंवाते रहेंगे?







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